-
267
छात्र -
205
छात्राएं -
14
कर्मचारीशैक्षिक: 12
गैर-शैक्षिक: 2
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
केन्द्रीय विद्यालय भंजनगर ने 2010 में कक्षा I से V तक के लिए एक अस्थायी भवन में काम करना शुरू किया था जो धीरे-धीरे बढ़ता गया, जो साल दर साल बढ़ता गया। 2015-16 में इस विद्यालय से दसवीं कक्षा का पहला बैच पास हुआ।
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए...
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करना और गति निर्धारित करना शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को आरंभ करने और बढ़ावा देने के लिए...
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री सरदार सिंह चौहान
उप आयुक्त
तत्कर्म यन्न बंधाय सा विद्या या विमुक्तये। आयासायापरम कर्म विद्यान्या शिल्पनैपुणम ।। – श्री विष्णुपुराण अर्थात जो बंधन उत्पन्न न करे वह कर्म है और जो मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करे वह विद्या है। शेष कर्म तो परिश्रम स्वरूप है तथा अन्य विधायें तो मात्र कला कौशल ही है। भारतीय ऋषि -मुनियों व मनीषियों ने ज्ञान (विद्या) को मनुष्य की मुक्ति का साधन कहा है। मनुष्य को भय, भूख, दुर्विकार , दुष्प्रवृत्तियाँ , दुराचरण, निर्बलता , दीनता व हीनता ,रोग-शोक इत्यादि से मुक्ति की अभिलाषा अनंतकाल से है। श्री विष्णुपुराण का उपरोक्त महावाक्य हमें यही संदेश देता है कि मनुष्य को ज्ञान के द्वारा अपने समस्त क्लेशों से मुक्ति पाने का पुरुषार्थ करना चाहिए | विद्या त्याग और तपस्या का सुफल होती है इसीलिए ज्ञान की उपलब्धि सदैव श्रमसाध्य है| आइये , हम सभी अनुशासित होकर, समर्पित भाव से समस्त उपलब्ध साधनों का मर्यादापूर्वक उपभोग करते हुए ज्ञानार्जन का सद्प्रयास करें| अपनी दिनचर्या में उचित आहार , विहार और विचार का समावेश करते हुए व्यक्ति के रूप मे प्रकृति प्रदत्त अनंत संभावनाओं को ज्ञान की पवित्र ऊर्जा के आलोक में पल्लवित व पुष्पित करें | हम सभी कृष्ण यजुर्वेद के तैत्रीय उपनिषद के इस सूत्र का प्रतिदिन अपने विद्यालयों में प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में सस्वरपाठ करते हैं :- ॐ सह नाववतु सह नौ भुनक्तु , सह वीर्यम करवावहै | तेजस्वि नावधीतमत्सु मा विद्विषावहै, ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।। आइये , इस सूत्र में छुपे महान संदेश को समझें और अपने जीवन में आत्मसात कर अपना नित्य कर्म करें | मैं , भुवनेश्वर संभाग के समस्त अधिकारियों , प्राचार्यों , शिक्षकों , विद्यार्थियों व कार्मिकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ और सभी के लिए सफल व सुखद भविष्य की कामना करता हूँ |
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श्री प्रदीप कमानु
प्राचार्य
विद्यालय शिक्षा का मंदिर है। यहां हर बच्चे को सीखने और अपनी प्रतिभा विकसित करने का मौका मिलता है। स्कूल में उचित वातावरण होता है जहाँ बच्चा खुशी-खुशी विभिन्न चीजें सीख सकता है। बेहतर भविष्य के लिए, माता-पिता और शिक्षक हाथ मिलाते हैं और सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं ताकि देर से आने वाले लोग भी समाज के लिए संपत्ति बन सकें। यह स्कूल कई मंच प्रदान करता है जो बच्चों को ड्राइंग, पेंटिंग, लघु कथाएँ, कविताओं के क्षेत्र में कई रचनात्मक विचारों के साथ आने में मदद करता है।
और पढ़ेंअद्यतनीकरण
- शरदकालीन अवकाश गृहकार्य 2026-27
- CAT III के अंतर्गत कक्षा-1 की 5वीं अनंतिम चयन सूची
- ग्रीष्मकालीन अवकाश गृहकार्य 2026-27 नई
- कक्षा 11वीं विज्ञान सत्र 2026-27 के लिए छात्रों की प्रवेश सूची (स्वयं के केंद्रीय विद्यालय के अंतर्गत) नई
- कक्षा 11वीं – विज्ञान पंजीकरण प्रपत्र और अन्य प्रारूप 2026-27 नई
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उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
स्वतंत्रता दिवस 2026
विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये
श्रेष्ठ विद्यालय टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा कक्षा दसवीं
9वीं कक्षा
10वीं कक्षा
स्कूल परिणाम
साल 2021-22
परीक्षा 39 उत्तीर्ण 39
साल 2022-23
परीक्षा 38 उत्तीर्ण 38
साल 2023-24
परीक्षा 45 उत्तीर्ण 45
साल 2024-25
परीक्षा 41 उत्तीर्ण 40
साल 2025-26
परीक्षा 41 उत्तीर्ण 41